Friday, 21 December 2012

     उत्तराखंड के मंत्रियों की मोज -आम जनता के पैसो पर
           
आम जनता पर कर(टैक्स ). के बोझ बढे जा रहे हैं फिर भी  उत्तराखंड राज कोष में राज्य को चलाने  के लिए पूंजी की कमी पड  रही है और  उत्तराखंड सरकार ने मंत्रियों को नयी लग्जरी गाड़ियाँ देने का प्रस्ताव पास कर दिया है ।अब कुछ समय बाद सभी मंत्री ऍमबस्टर की जगह लग्जरी गाड़ियों में नजर आयेंगे । आखिर सरकार जनता की समस्याओं को दूर करने के बजाये जनता पर ओर बोझ बढ़ा रही है जनता के पैसों से मन्त्रिगणों को मोज करने का आखिर क्या हक़ है ।
   जनता ने सारकार को निर्वाचित किया इसका यह मतलब नही की वो सरकार अब 5 शालों  तक    अपनी मनमानी करे। सरकार को कोई भी फेसला करने से पहले राज्य की जनता से उस बारे में सर्वे कर राय लेनी चाहिए थी क्यूंकि ये राजकोष किसी मंत्री का नही बल्कि जनता का है जिसका प्रयोग किस प्रकार करना है इसका फैसला करने का हक़ सिर्फ जनता को ही होना चाहिए  
                                                                                                                                                                                                                                 कृष्णा मुरारी
                                                                                           (ऋषिकेश )
           

Tuesday, 18 December 2012

हैवानियत की हद की पार, पछतावे से किया इन्कार
नई दिल्ली। गैंगरेप से पहले बस के ड्राइवर राम सिंह ने राम आधार नामक व्यक्ति को अपनी बस में लिफ्ट देकर उसका सारा सामान लूट लिया था। दोषियों ने गुनाह करने से पहले एक और गुनाह कर डाला था। हैवानियत की इतनी हदें पार करने के बाद भी आरोपियों को शर्म नहीं है। बस का ड्राइवर राम सिंह साफ कहता है कि उसे कोई अफसोस नहीं है,उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। यहीं नहीं सभी आरोपी इसे एक मजाक की तरह ले रहे हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि लड़की के साथ बलात्कार करने से पहले छह आरोपियों ने जमकर शराब पी थी और सभी मस्ती के मूड में थे। आरोपी राम सिंह ने बताया कि वह एक जॉयराइड करने में निकले थे और सभी एक दूसरे को अच्छी तरह से जानते थे।
राम सिंह से पूछताछ के दौरान पता चला कि राम सिंह को तब गुस्सा ज्यादा आया जब लड़की ने उसके हाथों में अपने दांतों से काट लिया। राम सिंह ने बताया कि लड़की ने अपना बचाव करते हुए राम सिंह के हाथों में काट लिया। इसके बाद राम सिंह को अपने गुस्से पर काबू नहीं रहा और उसने लड़की को उसके दोस्त के साथ गाड़ी से नीचे फेंक दिया।

Tuesday, 11 December 2012

अमेरिका ने कहा, वॉलमार्ट ने कानून नहीं तोड़ा

wallmart didn't break law : USA
अमेरिका ने कहा, वॉलमार्ट ने कानून नहीं तोड़ा
वाशिंगटन। भारत में एफडीआइ को लेकर सांसदों के साथ की गई लॉबिंग पर 125 करोड़ रुपये खर्च करने की खबरों से उपजे विवाद के बीच अमेरिका ने कहा कि इस मामले में अमेरिकी कानून का उल्लंघन नहीं किया गया है।
विदेश विभाग की प्रवक्ता विक्टोरिया नुलैंड ने भारत के विपक्षी दलों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका की नजर से मैं नहीं मानती कि हमने यहा किसी अमेरिकी कानून का उल्लंघन किया है। जहा तक भारत की बात है तो आप उनसे बात करिए। वह भारत में विपक्षी दलों के आरोपों के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब दे रही थीं।
उन्होंने कहा कि हमने ये खबरें देखी हैं। अमेरिका में लॉबिंग के संबंध में मुझे लगता है कि आपको लॉबी डिस्क्लोजर एक्ट 1995 और ओनेस्ट लीडरशिप एंड ओपन गवर्नमेंट एक्ट 2007 की जानकारी होगी जिसके अनुसार हर कंपनी को एक रिपोर्ट में अपनी लॉबिंग गतिविधियों की जानकारी देनी होती है।
नुलैंड ने कहा कि इन आरोपों में जिस रिपोर्ट का जिक्र किया गया है वह अमेरिका द्वारा समय समय पर मागी जाने वाली एक रिपोर्ट है। यह हमारी सरकार की पारदर्शिता प्रणाली का एक हिस्सा है।
इस बीच वॉलमार्ट ने भी किसी गलत गैरकानूनी गतिविधि में शामिल होने से इन्कार किया है। कंपनी के प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा, आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। हमने लॉबिंग पर पैसे खर्च किए हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी को घूस दिया है। अमेरिका में लॉबिंग को कानूनी मान्यता मिली हुई है और कंपनियों को हर तीन महीने में खर्च का ब्योरा देना होता है।
प्रवक्ता ने बयान में कहा है कि लॉबिंग के ऊपर किए गए खर्च कर्मचारियों, बैठक, यात्रा, परामर्शदाता, वकील, दूसरी देनदारियां और कार्य में दिए गए अन्य योगदान के मद में है। कंपनी के अधिकारी ने कहा, हम स्वाभाविक रूप से अमेरिकी अधिकारियों के साथ व्यापार और निवेश मुद्दों पर चर्चा करते रहते हैं, जो अमेरिका तथा दुनिया के अन्य देशों पर प्रभाव डालता है। इसके लिए बैठक होती है, यात्रा की जाती है, इन सब मदों में खर्च को लॉबिंग के तहत माना जाता है। लॉबिंग कानून के अनुसार पारदर्शिता के लिए इस पर खर्च की गई रकम के बारे में संसद को जानकारी दी जाती है।
वॉलमार्ट द्वारा 2008 से अब तक भारत में एफडीआइ तथा बाजार पहुंच बढ़ाने सहित विभिन्न लॉबिंग गतिविधियों पर 125 करोड़ रुपये खर्च करने की खबर के मद्देनजर भाजपा और वामदल ने संसद में आरोप लगाया था कि ये रकम भारत में खर्च किए गए हैं। वे भारत में किस-किस को पैसा मिला, इसकी जांच की मांग कर रहे हैं।

                                                                                                                            ankur gusain

                                                                                                          mass comm student {rishikesh}

Friday, 7 December 2012


संसद में एफडीआई के मुद्दे पर सियासी जीत के बाद अब सरकार आर्थिक सुधारों पर फर्राटा भरने के लिए तैयार हो गई है। बसपा और सपा के सहारे से एफडीआई पर विपक्ष के वोटिंग के प्रस्ताव को शिकस्त देकर सरकार अब अगले बजट सत्र की अपनी सियासी राह आसान बनाने की रणनीति बुनने लगी है। माना जा रहा है कि इस हार के बाद अब विपक्ष की ओर से भी सरकार के नंबर की परीक्षा लेने की संभावना कम होगी।

शुक्रवार को वोटिंग के प्रस्ताव पर जीत दर्ज करने के बाद सरकार की राजनीतिक चुनौती कम हो गई है। ममता बनर्जी के समर्थन वापस लेने के बाद अल्पमत में नजर आ रही सरकार अब इस जीत से मजबूत नजर आ रही है। लिहाजा, सरकार ने आर्थिक सुधारों की गाड़ी तेज करने का दावा ठोक दिया है।

संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि संसद में आने वाले समय में आर्थिक सुधार से संबंधित और कई बिल पेश करने की सरकार की तैयारी है। सरकार के आर्थिक सुधार के एजेंडे में कंपनी मामलों से संबंधित बिल, बीमा में निवेश, पेंशन और वायदा कारोबार से संबंधित बिल लंबित पड़े हैं। ताजा जीत के बाद सरकार अब इन सभी बिलों को संसद में पारित कराने की तैयारी कर रही है।

सरकार का मानना है कि बसपा के खुलकर समर्थन देने से अब उसे बहुमत जुटाने में कोई मुश्किल नहीं होगी। वहीं बसपा के चलते अब सपा की भी सरकार को मदद देने की राजनीतिक मजबूरी होगी। यही नहीं उत्साहित सरकार अब विपक्ष से भी बात करने की तैयारी कर रही है। कमलनाथ ने कहा कि वह आर्थिक सुधारों से संबंधित बिल पर भाजपा नेताओं से भी समर्थन को लेकर बात करने की योजना बना रहे हैं।

सपा-बसपा की सियासत
--9 सदस्यों के साथ सपा ने वॉकआउट कर सरकार को दी संजीवनी।
--15 सदस्यों वाली बसपा ने यूपीए के पक्ष में दिया वोट।

दोबारा हुई मतों की गिनती
राज्यसभा में तब अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई जब मत विभाजन के बाद सरकार की मांग पर एफडीआई पर हुए मत विभाजन की दोबारा गिनती कराई गई। सरकार का कहना था कि उसे ऐसा आभास होता है कि कुल मतों की संख्या सदन में मौजूद सदस्यों की संख्या से अधिक रही।

ये भी रहे अनुपस्थित
सचिन तेंदुलकर (मनोनीत) : कोलकाता टेस्ट खेल रहे हैं।
मुरली देवड़ा (कांग्रेस) : अस्वस्थ।
प्यारी मोहन महापात्रा (बीजद) : अनुपस्थित।

रिटेल में एफडीआई के खिलाफ प्रस्ताव
कुल : 244
पक्ष में : 102
विपक्ष में : 123
मतदान नहीं किया : 19
 
 

   
                                                                                               "ankur gusain "

 गन्दगी की चपेट में आती   तीर्थनगरी
तीर्थ नगरी के नाम से पूरी दुनिया में मशहूर ऋषिकेश लगातार गन्दगी के गोद में समाता जा रहा है !  जहा देखो बस गन्दगी ही गन्दगी ! न ही साशन को इसकी चिंता है और न ही प्रशासन को इसकी सुध है ! देश और विदेश से यहाँ बहुत से पर्यटक भ्रमण  करने आते है और इन्ही पर्यटकों से  सरकार को आय भी होती है लेकिन अगर यही आलम रहा और बढती गन्दगी को रोका नहीं गया तो भविष्य में जो तीर्थनगरी अपनी भव्यता , सुन्दरता और शांति के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध  है वो अपनी प्रसिद्धि खोती  चली जाएगी जिससे के परिणाम  बेहद गम्भीर होंगे ! तो शाशन और प्रशाशन को अब जागना चाहिए  और गन्दगी को रोकने के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए !
                                                                                  
         
अंकुर गुसाईं   {ऋषिकेश}                                 ankurgusain04@yahoo.com        
                                                                        




                नेताओं के बदलते रुख



                      जिस एफडीआई को लेकर पुरे देश भर में कोहराम मचा हुआ  लेकिन सरकार  के लिए ये सिर्फ मजाक बन कर रह गया है क्यूंकि सरकार पुरे बहुम त में है जिससे वो जो चाहे वो कर सकती है उसके यह प्रस्ताव पास करवाना तो मामूली है जिस तरह यह लोक सभा में पास हो चूका है उसी तरह से यह राज्य सभा तथा देश में लागु भी हो जायेगा क्यूंकि भारत देश में जनता तो सिर्फ एक बार अपना प्रतिनिधि चुन देती  है लेकिन ये नेता लोग इन पांच  सालों  में अपनी मनमानी  करते रहते हैं जंहा बसपा सुप्रीमों मायावती  और सपा सुप्रीमों मुलायम  सिंह यादव  शुरुवात में एफडीआई के प्रति कड़ा रुख दिखा रहे थे वंही उन्होंने राज्य सभा में एफडीआई के लिए वोट देने का फेसला कर सरकार की मुशकीलें ख़त्म कर दी हैं
नेता अपने रुख कब बदल ले इसका पता ही नही चलता है ये सिर्फ जनता को भ्रमित करते रहते हैं
इन सबसे सही तो तृणमूल सुप्रीमों ममता बनर्जी ही थी जो अपने फेसले पर अडिग रही 

आखिर ये नेता कब अपने आप पर काबू रखकर जनता के मनो की भावनाओं को समझ पाएंगे 
आखिरे कब हमारे यंहा   अच्छे नेताओं का उदभव होगा
                                                 कृष्ण मुरारी
                                                  ऋषिकेश

Monday, 26 November 2012

                 अरविन्द केजरीवाल की " आप "

जी  हाँ जनाब !!  यही नाम है टीम केजरीवाल के मुखिया अरविन्द केजरीवाल की राजनीतिक पार्टी का नाम "आम जनता की पार्टी " यानि  ""  आप "" !   पार्टी को " आप " का नाम देने से शायद वो जन जन को इस पार्टी से जोड़ना चाह  रहे हैं  !  अरविन्द केजरीवाल की पार्टी का मुख्य एजेंडा भारत  में  कलंक की तरह नासूर होता जा रहा भ्रस्टाचार का खात्मा और उसका समाधान जन लोकपाल  लाना है ! अरविन्द केजरीवाल का कहना  है की अगर उनकी पार्टी  सत्ता पर काबिज होती है तो वो भ्रस्ताचार का खात्मा करके रहेंगे और भारत देश को फिर से सोने की चिड़िया बना देंगे ! लेकिन अरविन्द केजरीवाल को ये समझना होगा की उनकी सत्ता पर काबिज होनी की चाह इतनी आसानी से कामयाब नहीं  हो पाएगी ! क्यूंकि राजनीती उस डगर  का नाम है जहाँ पग पग  पे लाखो कांटे है !सत्ता पर काबिज होने के लिए अरविन्द  केजरीवाल को आम जनता का भरोसा जीतना पड़ेगा  ! अब ये देखना दिलचस्प होगा की अरविन्द केजरीवाल की "आप" को कितना "आप"का   साथ   मिलता है !

     
अंकुर गुसाईं  { ऋषिकेश }
                                                                                                     ankurgusain04@yahoo.com

Tuesday, 6 November 2012

उत्तराखंड में गंगा तटीय शहरों में लगेंगे 5000 बायोडिग्रेडेबल टॉयलेट्स,



ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में हुए पर्यावरण संरक्ष्ण और विशव शान्ति दिवस धूम धाम से सम्पन्न हुआ ! परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष चिदानन्द मुनि जी महाराज के 60 वे जन्मदिन के उपलक्ष्य में ये महोत्सव मनाया गया ! महोत्सव में एक अहम फैसला लिया गया जिसमें गंगा एक्शन परिवार और डीआरडीओ की संयुक्त मदद से पूरे उत्तराखंड के गंगा तटीय शहरों में 5000 बायोडिग्रेडेबल टॉयलेट्स लगेंगे जो की एक प्रशसनीय कदम है ! डीआरडीओ ने दो बायोडिग्रेडेबल टॉयलेट्स उत्तराखंड में गंगा तटीय शहरों में लगेंगे 5000 बायोडिग्रेडेबल टॉयलेट्स, ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में हुए पर्यावरण संरक्ष्ण और विशव शान्ति दिवस धूम धाम से सम्पन्न हुआ ! परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष चिदानन्द मुनि जी महाराज के 60 वे जन्मदिन के उपलक्ष्य में ये महोत्सव मनाया गया ! महोत्सव में एक अहम फैसला लिया गया जिसमें गंगा एक्शन परिवार और डीआरडीओ की संयुक्त मदद से पूरे उत्तराखंड के गंगा तटीय शहरों में 5000 बायोडिग्रेडेबल टॉयलेट्स लगेंगे जो की एक प्रशसनीय कदम है ! डीआरडीओ ने दो बायोडिग्रेडेबल टॉयलेट्स

                                                                                                                                 

                                                                                                    ankur gusain 

                                                                                  mass comm. student rishikesh

 उत्तराखंड के 12 साल पुरे होने के बाद भी टिहरी डाम का कोई लाभ नहीं उत्तराखंड को -सरकार बेपरवाह





अखिरकार उत्तराखंड सरकार अपनी राजनीती गतिविधियों को छोड़कर कब राज्य पर ध्यान देगी ।उत्तराखंड का टिहरी डाम जो एशिया के गिने चुने कृतियों में गिना जाता है उसका उपयोग खुद  उत्तराखंड को ही नही मिल पा  रहा है डाम  उत्तराखंड में  होने के बावजूद टिहरी डाम में उत्तराखंड का सिर्फ 12% ही शेयर क्यूँ है जबकि उत्तरप्रदेश  के 25% शेयर और बाकी  केंद्र सरकार का है आखिर उत्तराखंड को अलग हुए 12 साल पुरे होने वाले हैं लेकिन अभी भी टिहरी डाम  का लाभ उत्तराखंड को नही मिल पा रहा है इन 12 सालों में बीजेपी और कांग्रेश दोनों की ही सरकारें आयीं लेकिन किसी ने  भी  इन बातों  पर ध्यान नहीं दिया क्यूंकि उन्हें अपनी गद्दी और अपनी राजनीती से फुरसत ही नही की वो उत्तराखंड के विकास  के बारे में सोच सकें जबकि टिहरी डाम उत्तराखंड का गौरव  है इसके  बावजूद सरकार इसके प्रति जागृत नही है

                                                                                                             कृष्णा मुरारी ऋषिकेश


Monday, 5 November 2012

                                           गैरसेंण में सरकार ने दिखाए सिर्फ सपने
सरकार गैरसैण में अपने मंसूबों को लेकर कामयाब रही ।गैरसैण वासियों ने गैरसैण  को राजधानी बनाने की मांग करी थी क्यूंकि यह  उस जगह पर स्थित है जहाँ उत्तराखंड के दोनों मंडल आपस में मिलते हैं इसीलिए जनता चाहती है कि गैरसैण को राजधानी बनाया जाये और यहाँ सभी प्रकार की सुविधाए उपलब्ध करायीं जाये लेकिन सरकार ने गैरसैण वासियों को सिर्फ सपने दिखाए हैं ।कोई भी नेता देहरादून जैसे शहरी छेत्र एसो आराम  को  छोड़कर गैरसैण के पहाड़ी इलाकों में आने को तैयार नही हैं तभी तो जनता को खुश करने के लिए उत्तराखंड  सरकार ने केबिनेट की बैठक में  गैरसैण में विधानसभा ग्रीष्म सत्र की मंजूरी दे दी है सरकार ने यहाँ अपनी राजनीती की रोटियां सेकने के कोशिश करी है अब देखना यह होगा की गैरसैण की जनता सरकार के इस फैसले से कितनी खुश होती  है  ।
                                                                                कृष्णा मुरारी 

                                                                                ऋषिकेश

Sunday, 4 November 2012

ऋषिकेश में पहली बार हमारा प्रयास ,पत्रकारिता को करीब से समझने के लिए राज्य के जाने माने सीनियर पत्रकारों द्वारा नयी पोध को दिशा निदेश देने  के लिए एक सेमीनार आयोजन ,एक नजर में .

























Friday, 2 November 2012


सरकार सब्सिडी पर और जनता बिना सब्सिडी के

सरकार लगातार महंगाई बढाती जा  रही है सरकार महंगाई को लेकर कुछ ज्यादा ही सक्रीय हो गयी है |तभी तो इस महंगाई से उअबरने के निवारण छोड़कर महंगाई को हरी झंडी देती जा रही है बढती महंगाई को लेकर सरकार बेतुलाकी बयानबाजी करती रहती है |
एक ओर सरकार जनता के लिए सब्सिडी ख़त्म कर रही है तो वहीँ दूसरी ओर संसद में सब्सिडी पर नेताओं को भोजन उपलब्ध करा रही है |यदि सांसद भी पूरा मूल्य देकर उत्पादों  को प्राप्त करे तभी इन्हें भी महंगाई की दर तथा इससे होने वाली समस्या की वासत्व में जानकारी हो पायेगी| एक तरफ जहाँ जनता महंगाई और तरह तरह के टैक्स से जूझ रही है वहीँ राजनेता जनता के पैसों पर मजे कर रहे हैं | जनता रोड पर होती है तो  राजनेता बड़ी -बड़ी गाड़ियों और आलिशान मकानों में आराम  फरमाते  है जबकि  जनता ही राजनेताओं को बनती है लेकिन राजनेता जनता को  तरह तरह के घोटालों, भ्रष्टाचारों  आदि के माद्यम से डूबते जा रहे हैं|                   
वह रे जनता के प्रतिनिधियों 

                                                                    कृष्णा मुरारी ( ऋषिकेश )

Wednesday, 31 October 2012

आम आदमी ही नहीं देश के दूरसंचार मंत्री भी परेशान हैं अनचाहे SMS से

 
 
 अनचाहे एसएमएस से सिर्फ आम लोग ही परेशान हों, ऐसी बात नहीं है। दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल की भी परेशानी यही है। उन्होंने  बताया कि उनके फोन पर हर दो मिनट में ऐसे एसएमएस आ रहे हैं। 
 
सिब्बल वैश्विक साइबर सुरक्षा शिखर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इसमें उन्होंने बताया, 'ट्राई (दूरसंचार नियामक प्राधिकरण) इस मुद्दे पर कार्रवाई कर रहा है। लेकिन उपभोक्ताओं को अभी इससे राहत नहीं मिली है। लोग ऐसे एसएमएस भेजने के लिए विदेशी सर्वर का इस्तेमाल करते हैं। इस पर भी रोक लगनी चाहिए।'
 
सिब्बल ने साथ ही कहा, 'मैंने ट्राई अध्यक्ष राहुल खुल्लर से बात की है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि यह परेशानी जल्द खत्म होगी।' 
 
 
खुल्लर ने इस दौरान कहा कि पांच नवंबर से आपको इस मामले (अनचाहे एसएमएस के) में फर्क दिखेगा। ट्राई इसके लिए नियमों में संशोधन कर रहा है। नए नियमों में अधिकतम 10 बार नियम का उल्लंघन करने पर संबंधित कंपनी या व्यक्ति का मोबाइल कनेक्शन काटने का प्रावधान है। सिम खरीदते वक्त उपभोक्ता को लिखकर देना होगा कि वह इसका इस्तेमाल टेली मार्केटिंग के लिए नहीं करेगा।
 आख़िरकार जब दूरसंचार मंत्री ही परेशान हैं तो बेचारी जनता किससे अपनी सिकायत करेगी
 
 
                                                                                                           कृष्णा मुरारी
                                                                                                             ऋषिकेश
 
 

Tuesday, 30 October 2012

  उमा भारती की गंगा समग्र यात्रा--बांध और विकास का विरोध नही
गंगा सागर से सुरु हुयी गंगा समग्र यात्रा अब उत्तराखंड में प्रवेश कर चुकी है भाजपा की फिरे ब्रांड नेता उमा भारती की उत्तराखंड में प्रवेश  के बाद सुर बदले हुए है लगता है बांध विरोधियों जी डी अग्रवाल  और झुंझुन वाला के साथ हुए दुर्व्यवहार से उमा भारती के समझ में आने लगा है की
बांध विकास और निर्मल जलधारा को साथ लेकर ही आगे बड़ा जा सकता है यही साडी बातें ध्यान में रखकर उमा भारती अपने भाषणों में सफाई देते हुए बिजली , पानी और विकास के साथ -साथ गंगा को स्वच्छ , निर्मल करने की बात कर रही है जिसका उत्तरअखंड में व्यापक रूप से सुवागत हो रहा है अब देखना यह होगा की उमा भारती की आवाज पर उत्तराखंड का जन -मानस अपने ही घर में माँ गंगा को स्वच्छ करने के लिए आंदोलित होता  है और ये गंगा समग्र यात्रा सिर्फ  भाजपाई  का जमघट बनकर न रह  जाये  
         
                                                                                                                                                                                                                       कृष्ण मुरारी 
                                                                                                                                                                                                            मास  कॉम
स्टूडेंट (ऋषिकेश)  

Tuesday, 9 October 2012

पकिस्तान कि शांति दूत पर हमला

तालिबान से लड़ने वाली लड़की हमले में घायल

पकिस्तान कि शांति दूत पर  हमला -- शांति की बात करना भी भी रास नहीं आ रहा है 

इस्लामाबाद : तालिबान के पूर्व गढ़ स्वात में शांति की पक्षधर के तौर पर उभरी 14 साल की एक पाकिस्तानी लड़की मंगलवार को पश्चिमोत्तर प्रांत में अपनी कार पर एक संदिग्ध उग्रवादी के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गई।

पाकिस्तान का पहला ‘युवाओं के लिए राष्ट्रीय शांति पुरस्कार’ हासिल करने वाली मलाला युसुफजई को कम से कम दो गोलियां लगीं। उसे इस्लामाबाद से 160 किमी दूर स्वात में अपनी कार से जाते समय उग्रवादी ने गोली मारी थी।

युसुफजई के स्कूल के बाहर हुई इस घटना में दो बच्चे भी घायल हो गए।

टीवी समाचार चैनलों की खबर में कहा गया है कि युसुफजई को सैदू शरीफ शहर के अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन किया। अस्पताल के आसपास सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

जिस समय हमला हुआ उस समय लड़कियां सरकारी कर्मचारियों के विरोध के चलते समय से पहले स्कूल बंद होने के कारण बाहर निकल रही थीं।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बंदूकधारी ने लोगों से युसुफजई के बारे मे पूछा और फिर उसकी कार पर गोली चलाई। अब तक किसी भी गुट ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। 




































































Monday, 1 October 2012

सीएजी की तुलना मुनीम जी से नहीं - सुप्रीम कोर्ट


 सुप्रीम कोर्ट ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) के अधिकार क्षेत्र को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका सोमवार को खारिज करते हुए कहा कि सीएजी की तुलना मुनीम जी से नहीं की जानी चाहिए.
याचिका में दलील दी गई थी कि सीएजी को सरकार के नीतिगत फैसले की जांच करने और अनुमानित नुकसान का आकलन करने का अधिकार नहीं है. यह कहते हुए कि सीएजी की तुलना मुनीम जी से नहीं की जानी चाहिए, जस्टिस आर.एम. लोढ़ा और जस्टिस अनिल आर. दवे की पीठ ने कहा कि सीएजी को केंद्र सरकार के खातों या लेखा बही का अंकेक्षक नहीं समझा जाना चाहिए.
जस्टिस लोढ़ा ने कहा, "आपको मामले की तह में जाना होगा."
अदालत ने कहा कि सीएजी एक कम्पनी के कलर्क से अधिक है और सरकार के नीतिगत फैसले की प्रभावोत्पादकता पर टिप्पणी कर सकती है.
याचिकाकर्ता अर्थशास्त्री अरविंद गुप्ता ने दलील दी थी कि सीएजी ने नागरिक उड्डयन, बिजली क्षेत्र और कोयला ब्लॉक के आवंटन पर अपनी रिपोर्ट में लाखों करोड़ों रुपये के नुकसान के आकलन के क्रम में सरकार की नीति पर जो टिप्पणी की है, उसका उसे अधिकार नहीं है.
अदालत ने कहा कि सीएजी का दायरा अधिकार क्षेत्र के नाम पर सीमित नहीं किया जा सकता. इसे सरकारी निर्णयों की कुशलता और प्रभावोत्पादकता की जांच करने का भी अधिकार है.
याचिका खारिज करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि यदि सीएजी अपने संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकार का उल्लंघन करती है तो संसद अंकेक्षण रिपोर्ट देखते समय इस बारे में कह सकती है.

जस्टिस लोढ़ा ने कहा कि सीएजी की रिपोर्ट की जांच करते समय संसद इसे स्वीकार कर सकती है, या खारिज कर सकती है या आंशिक रूप से स्वीकार कर सकती है.

                                                           --- कृष्णा गोतम , अंकुर गुसाई ,कुंती ,MJMC OIMT

Thursday, 27 September 2012

विश्व पर्यटन दिवस


विश्व पर्यटन दिवस हर साल 27 सितंबर को मनाया जाता है। विश्व में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 1980 से संयुक्त राष्ट्र महासभा ने विश्व पर्यटन दिवस आयोजित करने की शुरुआत 27 सितंबर को की थी, तब से आज तक निरंतर विश्व पर्यटन दिवस सभी विश्व के संगठन के देश मनाते चले आ रहे हैं।
विश्व पर्यटन दिवस के लिए 27 सितंबर का दिन चुना गया क्योंकि इसी दिन 1970 में विश्व पर्यटन संगठन का संविधान स्वीकार किया गया था। संयुक्त राष्ट्र महासभा हर साल विश्व पर्यटन दिवस की विषय-वस्तु तय करती है। विश्व पर्यटन दिवस को मनाने का मुख्य मक़सद पर्यटन और उसके सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक व आर्थिक मूल्यों के प्रति विश्व समुदाय को जागरूक करना है।
विश्व पर्यटन दिवस का मुख्य उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना और पर्यटन के द्वारा अपने देश की आय को बढ़ाना है। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर एक राष्ट्र को मेज़बान राष्ट्र घोषित किया जाता है जो कि जीवोग्राफिकल आर्डर पर होता है। विश्व पर्यटन दिवस का मेज़बान 2006 में यूरो, 2007 में दक्षिण एशिया, 2008 में अमेरिका और 2009 में अफ़्रीका को बनाया गया था। इस तरह पूरे विश्व के देशों में पर्यटन को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। जिनमें सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक कार्यक्रम शामिल हैं।


भारत विश्व के पाँच शीर्ष पर्यटक स्थलों में से एक है। विश्व पर्यटन संगठन और वर्ल्ड टूरिज्म एण्ड ट्रैवल काउन्सिल तथा पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणीय संगठनों ने भारतीय पर्यटन को सबसे ज़्यादा तेज़ी से विकसित हो रहे क्षेत्र के रूप में बताया है। भारतीय पर्यटन की कुछ ख़ूबियाँ इस प्रकार हैं-

कोन्डे नास्त ट्रैवलर पुस्तिका के पाठकों के अनुसार कि भारत का स्वास्थ्यवर्धक विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्यवर्धक स्थलों में से एक है।

विश्व पर्यटन संगठन ने भारतीय पर्यटन को सर्वाधिक तेज़ी से यानि 8.8 फ़ीसदी वार्षिक की दर से
विकसित हो रहे उद्योग के रूप में घोषित किया है।

पर्यटन देश का तीसरा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा अर्जित करने वाला उद्योग है। 2004 में पर्यटन से 21 हज़ार करोड़ रुपए से भी अधिक की आय हुई।

देश की कुल श्रम शक्ति में से 6 प्रतिशत को पर्यटन में रोज़गार मिला हुआ है। पर्यटन उद्योग की सबसे बड़ी ख़ूबी यह है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर पैदा हुए हैं।

भारत के विशाल तथा ख़ूबसूरत तटीय क्षेत्र, अछूते वन, शान्त द्वीप समूह, वास्तुकला की प्राचीन, ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक परम्परा, रंगमंच तथा कलाकेन्द्र पश्चिम के पर्यटकों के लिए ख़ूबसूरत आकर्षण के केन्द्र बन सकते हैं।

विदेशी पर्यटकों के प्रति आत्मीयता दर्शाने के लिए सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम अतिथि देवो भव: शुरू किया गया है।