Friday, 2 November 2012

सरकार सब्सिडी पर और जनता बिना सब्सिडी के

सरकार लगातार महंगाई बढाती जा  रही है सरकार महंगाई को लेकर कुछ ज्यादा ही सक्रीय हो गयी है |तभी तो इस महंगाई से उअबरने के निवारण छोड़कर महंगाई को हरी झंडी देती जा रही है बढती महंगाई को लेकर सरकार बेतुलाकी बयानबाजी करती रहती है |
एक ओर सरकार जनता के लिए सब्सिडी ख़त्म कर रही है तो वहीँ दूसरी ओर संसद में सब्सिडी पर नेताओं को भोजन उपलब्ध करा रही है |यदि सांसद भी पूरा मूल्य देकर उत्पादों  को प्राप्त करे तभी इन्हें भी महंगाई की दर तथा इससे होने वाली समस्या की वासत्व में जानकारी हो पायेगी| एक तरफ जहाँ जनता महंगाई और तरह तरह के टैक्स से जूझ रही है वहीँ राजनेता जनता के पैसों पर मजे कर रहे हैं | जनता रोड पर होती है तो  राजनेता बड़ी -बड़ी गाड़ियों और आलिशान मकानों में आराम  फरमाते  है जबकि  जनता ही राजनेताओं को बनती है लेकिन राजनेता जनता को  तरह तरह के घोटालों, भ्रष्टाचारों  आदि के माद्यम से डूबते जा रहे हैं|                   
वह रे जनता के प्रतिनिधियों 

                                                                    कृष्णा मुरारी ( ऋषिकेश )

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