Monday, 26 November 2012

                 अरविन्द केजरीवाल की " आप "

जी  हाँ जनाब !!  यही नाम है टीम केजरीवाल के मुखिया अरविन्द केजरीवाल की राजनीतिक पार्टी का नाम "आम जनता की पार्टी " यानि  ""  आप "" !   पार्टी को " आप " का नाम देने से शायद वो जन जन को इस पार्टी से जोड़ना चाह  रहे हैं  !  अरविन्द केजरीवाल की पार्टी का मुख्य एजेंडा भारत  में  कलंक की तरह नासूर होता जा रहा भ्रस्टाचार का खात्मा और उसका समाधान जन लोकपाल  लाना है ! अरविन्द केजरीवाल का कहना  है की अगर उनकी पार्टी  सत्ता पर काबिज होती है तो वो भ्रस्ताचार का खात्मा करके रहेंगे और भारत देश को फिर से सोने की चिड़िया बना देंगे ! लेकिन अरविन्द केजरीवाल को ये समझना होगा की उनकी सत्ता पर काबिज होनी की चाह इतनी आसानी से कामयाब नहीं  हो पाएगी ! क्यूंकि राजनीती उस डगर  का नाम है जहाँ पग पग  पे लाखो कांटे है !सत्ता पर काबिज होने के लिए अरविन्द  केजरीवाल को आम जनता का भरोसा जीतना पड़ेगा  ! अब ये देखना दिलचस्प होगा की अरविन्द केजरीवाल की "आप" को कितना "आप"का   साथ   मिलता है !

     
अंकुर गुसाईं  { ऋषिकेश }
                                                                                                     ankurgusain04@yahoo.com

Tuesday, 6 November 2012

उत्तराखंड में गंगा तटीय शहरों में लगेंगे 5000 बायोडिग्रेडेबल टॉयलेट्स,



ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में हुए पर्यावरण संरक्ष्ण और विशव शान्ति दिवस धूम धाम से सम्पन्न हुआ ! परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष चिदानन्द मुनि जी महाराज के 60 वे जन्मदिन के उपलक्ष्य में ये महोत्सव मनाया गया ! महोत्सव में एक अहम फैसला लिया गया जिसमें गंगा एक्शन परिवार और डीआरडीओ की संयुक्त मदद से पूरे उत्तराखंड के गंगा तटीय शहरों में 5000 बायोडिग्रेडेबल टॉयलेट्स लगेंगे जो की एक प्रशसनीय कदम है ! डीआरडीओ ने दो बायोडिग्रेडेबल टॉयलेट्स उत्तराखंड में गंगा तटीय शहरों में लगेंगे 5000 बायोडिग्रेडेबल टॉयलेट्स, ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में हुए पर्यावरण संरक्ष्ण और विशव शान्ति दिवस धूम धाम से सम्पन्न हुआ ! परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष चिदानन्द मुनि जी महाराज के 60 वे जन्मदिन के उपलक्ष्य में ये महोत्सव मनाया गया ! महोत्सव में एक अहम फैसला लिया गया जिसमें गंगा एक्शन परिवार और डीआरडीओ की संयुक्त मदद से पूरे उत्तराखंड के गंगा तटीय शहरों में 5000 बायोडिग्रेडेबल टॉयलेट्स लगेंगे जो की एक प्रशसनीय कदम है ! डीआरडीओ ने दो बायोडिग्रेडेबल टॉयलेट्स

                                                                                                                                 

                                                                                                    ankur gusain 

                                                                                  mass comm. student rishikesh

 उत्तराखंड के 12 साल पुरे होने के बाद भी टिहरी डाम का कोई लाभ नहीं उत्तराखंड को -सरकार बेपरवाह





अखिरकार उत्तराखंड सरकार अपनी राजनीती गतिविधियों को छोड़कर कब राज्य पर ध्यान देगी ।उत्तराखंड का टिहरी डाम जो एशिया के गिने चुने कृतियों में गिना जाता है उसका उपयोग खुद  उत्तराखंड को ही नही मिल पा  रहा है डाम  उत्तराखंड में  होने के बावजूद टिहरी डाम में उत्तराखंड का सिर्फ 12% ही शेयर क्यूँ है जबकि उत्तरप्रदेश  के 25% शेयर और बाकी  केंद्र सरकार का है आखिर उत्तराखंड को अलग हुए 12 साल पुरे होने वाले हैं लेकिन अभी भी टिहरी डाम  का लाभ उत्तराखंड को नही मिल पा रहा है इन 12 सालों में बीजेपी और कांग्रेश दोनों की ही सरकारें आयीं लेकिन किसी ने  भी  इन बातों  पर ध्यान नहीं दिया क्यूंकि उन्हें अपनी गद्दी और अपनी राजनीती से फुरसत ही नही की वो उत्तराखंड के विकास  के बारे में सोच सकें जबकि टिहरी डाम उत्तराखंड का गौरव  है इसके  बावजूद सरकार इसके प्रति जागृत नही है

                                                                                                             कृष्णा मुरारी ऋषिकेश


Monday, 5 November 2012

                                           गैरसेंण में सरकार ने दिखाए सिर्फ सपने
सरकार गैरसैण में अपने मंसूबों को लेकर कामयाब रही ।गैरसैण वासियों ने गैरसैण  को राजधानी बनाने की मांग करी थी क्यूंकि यह  उस जगह पर स्थित है जहाँ उत्तराखंड के दोनों मंडल आपस में मिलते हैं इसीलिए जनता चाहती है कि गैरसैण को राजधानी बनाया जाये और यहाँ सभी प्रकार की सुविधाए उपलब्ध करायीं जाये लेकिन सरकार ने गैरसैण वासियों को सिर्फ सपने दिखाए हैं ।कोई भी नेता देहरादून जैसे शहरी छेत्र एसो आराम  को  छोड़कर गैरसैण के पहाड़ी इलाकों में आने को तैयार नही हैं तभी तो जनता को खुश करने के लिए उत्तराखंड  सरकार ने केबिनेट की बैठक में  गैरसैण में विधानसभा ग्रीष्म सत्र की मंजूरी दे दी है सरकार ने यहाँ अपनी राजनीती की रोटियां सेकने के कोशिश करी है अब देखना यह होगा की गैरसैण की जनता सरकार के इस फैसले से कितनी खुश होती  है  ।
                                                                                कृष्णा मुरारी 

                                                                                ऋषिकेश

Sunday, 4 November 2012

ऋषिकेश में पहली बार हमारा प्रयास ,पत्रकारिता को करीब से समझने के लिए राज्य के जाने माने सीनियर पत्रकारों द्वारा नयी पोध को दिशा निदेश देने  के लिए एक सेमीनार आयोजन ,एक नजर में .

























Friday, 2 November 2012


सरकार सब्सिडी पर और जनता बिना सब्सिडी के

सरकार लगातार महंगाई बढाती जा  रही है सरकार महंगाई को लेकर कुछ ज्यादा ही सक्रीय हो गयी है |तभी तो इस महंगाई से उअबरने के निवारण छोड़कर महंगाई को हरी झंडी देती जा रही है बढती महंगाई को लेकर सरकार बेतुलाकी बयानबाजी करती रहती है |
एक ओर सरकार जनता के लिए सब्सिडी ख़त्म कर रही है तो वहीँ दूसरी ओर संसद में सब्सिडी पर नेताओं को भोजन उपलब्ध करा रही है |यदि सांसद भी पूरा मूल्य देकर उत्पादों  को प्राप्त करे तभी इन्हें भी महंगाई की दर तथा इससे होने वाली समस्या की वासत्व में जानकारी हो पायेगी| एक तरफ जहाँ जनता महंगाई और तरह तरह के टैक्स से जूझ रही है वहीँ राजनेता जनता के पैसों पर मजे कर रहे हैं | जनता रोड पर होती है तो  राजनेता बड़ी -बड़ी गाड़ियों और आलिशान मकानों में आराम  फरमाते  है जबकि  जनता ही राजनेताओं को बनती है लेकिन राजनेता जनता को  तरह तरह के घोटालों, भ्रष्टाचारों  आदि के माद्यम से डूबते जा रहे हैं|                   
वह रे जनता के प्रतिनिधियों 

                                                                    कृष्णा मुरारी ( ऋषिकेश )